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विजय माल्या ने खुद को बताया बेगुनाह, कहा- बैंकों द्वारा बकाया वसूल करने के बाद भी नहीं मिला न्याय

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 09, 2026 09:10 am IST,  Updated : Sep 09, 2026 11:26 am IST

विजय माल्या ने दावा किया है कि उनका ब्रिटेन में बने रहना भारत आने पर लगी कानूनी रोक का हिस्सा है।

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विजय माल्या Image Source : ANI

भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने खुद को बेगुनाह बताया है और दावा किया है कि उन्हें कानूनी तौर पर ब्रिटेन छोड़ने से रोका गया है। विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बारे में कई पोस्ट किए। अक्टूबर 2025 में, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा को बताया था कि 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018' (FEOA) के तहत कुल 15 लोगों को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' (FEO) घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस लिस्ट में विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।

ब्रिटेन में बने रहना भारत आने पर लगी कानूनी रोक का हिस्सा

हालांकि, माल्या का अब दावा है कि उनका ब्रिटेन में बने रहना भारत आने पर लगी कानूनी रोक का हिस्सा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "जो लोग कहते हैं कि मैं भारत आने से इनकार करने वाला भगोड़ा हूं, उन्हें पता होना चाहिए कि मैं 1992 से यूनाइटेड किंगडम का स्थायी निवासी हूं और फिलहाल कानूनी तौर पर मुझे ये देश छोड़ने से रोका गया है।"

सरकार आर्थिक अपराधियों को देश वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध

पिछले साल दिसंबर में, विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वो भारत में वांछित भगोड़ों की देश वापसी और अदालतों में उनके मुकदमे का सामना करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने कहा कि इसमें कई कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं, लेकिन सरकार आर्थिक अपराधियों को देश वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ED ने जब्त किए गए फंड्स से जारी किए 350 करोड़ रुपये

विजय माल्या ने अपनी पोस्ट में एक टेबल भी पोस्ट की जिसमें उन्होंने रिकवरी के अकाउंट स्टेटमेंट का दावा किया और कहा कि उन्हें गलत तरीके से भगोड़ा करार दिया गया है। उन्होंने कहा, "आलोचना करने वालों, कृपया स्वतंत्र रूप से जांच करें और देखें कि ED ने मेरे जब्त किए गए फंड से किंगफिशर के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए 350 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए। मैं भुगतान नहीं कर सका क्योंकि ED ने मेरी संपत्ति/फंड जब्त कर लिए थे।"

'बैंकों द्वारा बकाया वसूल करने के बाद भी नहीं मिला न्याय'

इससे पहले, अगस्त में माल्या ने फिर दावा किया था कि बैंकों ने उनसे बकाया राशि वसूल कर ली है, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। माल्या ने लिखा, "बैंकों ने माना है कि उन्होंने 6203 करोड़ रुपये के कोर्ट-ऑर्डर वाले कर्ज के बदले मुझसे 14,100 करोड़ रुपये वसूल किए हैं। कई अन्य उधारकर्ताओं ने बहुत कम रकम पर समझौता किया है। शायद यही भारतीय कर्ज समाधान न्याय है। मीडिया का कोई सवाल नहीं।"

बॉम्बे हाई कोर्ट ने विजय माल्या को लगाई थी फटकार

इस साल फरवरी में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाते हुए कहा था कि वे जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचते हुए उचित राहत की मांग नहीं कर सकते। कोर्ट ने माल्या को ये स्पष्ट करने का आखिरी मौका दिया कि क्या वे भारत लौटना चाहते हैं। माल्या की याचिका 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम' और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती देती है।

चीफ जस्टिस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही है सुनवाई

चीफ जस्टिस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली बेंच विजय माल्या की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम' की संवैधानिक वैधता और उन्हें भगोड़ा घोषित करने की कार्यवाही को चुनौती दी गई थी। बेंच ने कहा कि वो ये दर्ज करने का मन बना चुकी है कि माल्या कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बच रहे हैं और इसलिए अपनी याचिका में राहत की उम्मीद नहीं कर सकते। 

ANI Inputs

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